Header logo

Ticker

6/recent/ticker-posts

Indeclinable words and adjectives in Hindi Language

 Hindi Language Learning Step By Step 

हिंदी में अविकारी शब्द और विशेषण(जानें इनका सरल और दिलचस्प उपयोग)

Indeclinable words and adjectives in Hindi(Learn their simple and interesting usage)

   हिंदी भाषा में अविकारी शब्द

        आज हम हिंदी भाषा में अविकारी शब्दों (अव्यय) के बारे में जानेंगे। ये वे शब्द होते हैं जो हमेशा एक ही रूप में रहते हैं और इनका रूप लिंग, वचन, काल या कारक के आधार पर नहीं बदलता। इन शब्दों का इस्तेमाल हम वाक्य में किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करने के लिए करते हैं। अविकारी शब्दों को चार प्रकारों में बांटा जाता है।आइए, सबसे पहले जानें कि अव्यय शब्द होते क्या हैं और फिर इनके प्रकारों पर चर्चा करें।

अव्यय शब्दों की परिभाषा

      अव्यय वे शब्द होते हैं जो किसी भी रूप में नहीं बदलते। यानी ये शब्द लिंग, वचन, काल, या कारक के अनुसार अपनी रूपरेखा नहीं बदलते। इन्हें अविकारी शब्द भी कहा जाता है। अब हम अव्यय के विभिन्न प्रकारों पर नजर डालेंगे।

अव्यय के प्रकार

क्रिया विशेषण (Adverb)
     क्रिया विशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, यानी यह बताते हैं कि कोई क्रिया किस प्रकार, कितनी बार, कब या कहां हुई।

उदाहरण

धीरे-धीरे चलो।

वह कल आया।

वह सबेरे उठता है।

क्रिया विशेषण के भेद

कालवाचक- जो क्रिया के समय को बताते हैं। जैसे - आज, कल, परसों।

स्थानवाचक- जो क्रिया के स्थान को बताते हैं। जैसे - यहां, वहां, इधर।

परिणामवाचक- जो क्रिया के परिणाम को दर्शाते हैं। जैसे - अधिक, थोड़ा, बहुत।

रितिवाचक- जो क्रिया की विधि या तरीके को बताते हैं। जैसे - धीरे-धीरे, जल्दी-जल्दी, शांति से।

संबंधबोधक (Prepositions)
ये शब्द संज्ञा और सर्वनाम के बीच के संबंध को दर्शाते हैं। जैसे - ऊपर, भीतर, साथ, तक, के कारण।

उदाहरण

स्कूल के सामने एक पार्क है।

वह किताब के पास रखी है।

समुच्चयबोधक (Conjunctions)
ये शब्द दो या दो से अधिक शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ते हैं। जैसे - और, लेकिन, अथवा, या।

उदाहरण

मोहन और रमेश स्कूल गए।

मुझे नहीं पता कि वह आएगा या नहीं।

विस्मयादिबोधक (Interjections)
ये शब्द भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रयोग होते हैं। जैसे - वाह, ओह, अरे, हाय।

उदाहरण

ओह! मैंने तो यह भूल ही गया।

वाह! यह बहुत अच्छा है।

अभ्यास

क्रिया विशेषण पहचानें

वह रोज स्कूल जाता है। (कालवाचक)

मैं जल्दी-जल्दी भाग रहा था। (रितिवाचक)

वह वहां खड़ा था। (स्थानवाचक)

संबंधबोधक शब्द पहचानें

वह मेरे साथ आया।

किताब के ऊपर रखा था।

समुच्चयबोधक शब्द पहचानें

मैं और तुम मिलकर काम करेंगे।

वह आता है और फिर चला जाता है।

विस्मयादिबोधक शब्द पहचानें

वाह! क्या काम किया है!

अरे! तुम तो जल्दी आ गए।

निष्कर्ष

         हमने इस लेख में अविकारी शब्दों (अव्यय) के बारे में जाना और उनकी चार प्रमुख श्रेणियों - क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इन शब्दों का सही तरीके से उपयोग हिंदी भाषा को और अधिक प्रभावशाली और स्पष्ट बनाने में मदद करता है।
         आशा है कि अब आपको अविकारी शब्दों के बारे में बेहतर समझ आ गई होगी और आप इन्हें अपनी भाषा में उपयोग कर पाएंगे। हिंदी भाषा सीखने की यात्रा में हम नए-नए विषय जोड़ते रहेंगे, जिससे आप हिंदी में और भी माहिर हो सकें।

विशेषण (सरल और दिलचस्प)

    हमने पहले हिंदी भाषा में संज्ञा और सर्वनाम के बारे में जाना है। आज हम विशेषण के बारे में जानेंगे जो संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताता है। इस लेख में हम विशेषण को आसान तरीके से समझेंगे ताकि आप हिंदी भाषा को आसानी से बोल, लिख और समझ सकें।

विशेषण की परिभाषा

विशेषण वह शब्द होते हैं, जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। जैसे

यह मीठा आम है। (यहां मीठा शब्द आम की विशेषता बताता है।)

वह लंबा लड़का है। (यहां लंबा शब्द लड़के की विशेषता है।)

विशेषण के उदाहरण

लाल फूल,मोटा बंदर,सही रास्ता,तेज़ दौड़ना,पहला लड़का

विभिन्न प्रकार के विशेषण

विशेषण को चार मुख्य भेदों में बांटा गया है

गुणवाचक विशेषण- ये शब्द किसी चीज़ के गुण, रंग, आकार या अवस्था को बताते हैं। जैसे

काला घोड़ा, मीठा आम, ऊंचा पहाड़ ये विशेषण संज्ञा के गुणों को स्पष्ट करते हैं।

परिणामवाचक विशेषण- ये विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के परिणाम, माप या मात्रा को बताते हैं। जैसे

दो किलो आटा, चार किताबें ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम की माप या माप के बारे में जानकारी देते हैं।

निश्चित परिणामवाचक (जैसे- दो किलो, चार मीटर)

अनिश्चित परिणामवाचक (जैसे- थोड़ा सा, कुछ भी)

संख्यावाचक विशेषण- ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या गिनती को दर्शाते हैं। जैसे

एक पुस्तक, पाँच लोग ये विशेषण संख्या की जानकारी देते हैं।

निश्चित संख्यावाचक (जैसे- पांच लड़कियाँ)

अनिश्चित संख्यावाचक (जैसे- कुछ लोग)

सर्वनामिक विशेषण- ये शब्द सर्वनाम के द्वारा संज्ञा की विशेषता बताते हैं। जैसे

यह किताब मेरी है।

वह लड़का अच्छा है। ये विशेषण संकेत करते हैं कि कौन सी चीज़ या व्यक्ति की बात की जा रही है।

विशेषण और सर्वनाम में अंतर

      विशेषण वह शब्द है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है जबकि सर्वनाम वह शब्द होता है, जो संज्ञा के स्थान पर आता है। जब सर्वनाम किसी संख्या के साथ उपयोग हो और वह विशेषता बताने लगे, तो वह विशेषण बन जाता है।

उदाहरण

यह चुप बैठा है। (यह सर्वनाम है, लेकिन विशेषण बन गया है)

वह पुस्तक मेरी है। (यह सर्वनामिक विशेषण है)

विशेषण को पहचानना

आपने जो वाक्य पढ़े, उन वाक्यों में विशेषण को पहचानने के लिए ध्यान से देखें कि कौन सा शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बता रहा है।

उदाहरण

वह बालक बहुत चतुर है - (चतुर = विशेषण)

हमारा स्कूल बहुत सुंदर है - (सुंदर = विशेषण)

निष्कर्ष

      आज हमने विशेषण के बारे में जाना और यह भी समझा कि इसे हिंदी में कैसे प्रयोग करते हैं। विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के गुण, संख्या, माप आदि को स्पष्ट करता है। अब आप विशेषण को पहचानने और सही तरीके से प्रयोग करने में माहिर हो गए होंगे। धीरे-धीरे हम हिंदी व्याकरण के और भी छोटे-छोटे पहलुओं को सीखेंगे, जो आपकी हिंदी को और बेहतर बनाएंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ