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(Hindi Essay)Hindi Language

  Hindi Language(Hindi Essay)

        आसानी से हिंदी भाषा सीखने में आज हम अनुच्छेद लेखन के बारे में जानेंगे। जिसमें हम अपने मन के भाव आसानी से प्रगट कर सकते हैं। 

         हिंदी भाषा में अनुच्छेद लेखन बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योंकि इसमें आप अपने मन के भावों को सरल स्पष्ट और आसान रूप से प्रकट कर सकते हैं।

        मैंने यहां पर हिंदी भाषा के कुछ अनुच्छेद लेखन  बताए हैं जिससे आपको अंदाजा हो जाए ।कि हिंदी भाषा में अनुच्छेद लेखन में कैसे अपने मन के भावों को आसानी से प्रकट किया जा सकता है।

हम घर में सहयोग कैसे करें

         मानव एक सामाजिक प्राणी है। इसलिए उसे अपने जीवन यापन हेतु समाज में दूसरों से किसी ना किसी कार्य के लिए सहयोग लेना और देना पड़ता है। सहयोग का मानव जीवन में बहुत महत्व है। 

        हमें शुरुआत  अपने घर से ही करना चाहिए । हमें अपने घर में प्रत्येक सदस्य के साथ सहयोग पूर्ण भावना से मिलजुल कर कार्य करना चाहिए। जैसे माता-पिता अपना सब कुछ समर्पित करके घर को चलाते हैं।

           पिताजी सुबह से शाम तक कठिन परिश्रम करते हैं और माताजी सुबह से लेकर रात तक साफ सफाई भोजन बनाना बर्तन धोना इत्यादि घर के अनेक कार्यो को निपटाने में लगी रहती हैं।

             इसलिए हमें भी घर के किसी ना किसी कार्य में माता-पिता का सहयोग जरूर करना चाहिए। हम अनेक छोटे-बड़े कार्यों में माता-पिता का सहयोग कर सकते हैं।जैसे दुकान से फल सब्जियां तथा रसोई का सामान लाना लॉन्ड्री से कपड़े लाना, खाना परोसा  आदि हम अपने छोटे भाई - बहनों को उनके पढ़ाने में उनकी मदद कर सकते हैं। 

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         अपने बगीचे की साफ-सफाई तथा घर की सफाई में सहयोग दे सकते हैं। पौधों में खाद पानी दे सकते हैं तथा उनकी देखभाल का सहयोग दे सकते हैं। इस प्रकार घर में सहयोग की भावना का विकास होगा। जिससे आपसे प्रेम एवं सद्भावना बढ़ेगी और घर खुशहाल पर जाएगा।

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          मेरी दिनचर्या

      मेरी दिनचर्या प्रतिदिन किए जाने वाले कार्य को दिनचर्या कहते हैं। मैं प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे उठता हूंँ। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे अच्छा साधन कसरत है ।कसरत में सबसे सरल और लाभदायक कसरत प्रातःकाल भ्रमण ही है। 

         इसलिए मैं प्रतिदिन भ्रमण के लिए जाता हूं  प्रातः काल भ्रमण के अनेक लाभ हैं इससे हमारा स्वस्थ अच्छा होता है। इसके बाद कुछ योगासन करता हूंँ। मैंने अपनी दिनचर्या बड़े क्रमबद्ध तरीके से बनाई हुई है ।कसरत के बाद स्नान आदि से निवृत होकर नाश्ता करता हूंँ। 

          फिर अपना बस्ता ले तैयार करके स्कूल के लिए साईकिल पर निकल जाता हूंँ। दोपहर 2:00 बजे तक विद्यालय पढ़ाई करने के बाद घर आकर भोजन करता हूंँ।शाम को दोस्तों के साथ खेलने के लिए पार्क में जाता हूंँ। वहां हम सभी दोस्त मिलकर खेलते हैं ।इसके बाद घर आकर अपना पढ़ाई का काम करता हूंँ ।

       फिर कुछ देर टी.वी. भी देखता हूंँ ।इतने में मां रात का भोजन लगा देती है ।रात का भोजन करने के बाद में बिस्तर में जाकर सो जाता हूंँ।

 ज्ञान बुद्धि का साधन - भ्रमण

 संसार में ज्ञान वृद्धि और ज्ञानर्जन के अनेक साधन है। पाठ्य पुस्तकें पत्र पत्रिकाएं आदि पढ़कर तथा अनेक स्थलों की यात्राएं करके भी ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है ।रेडियो टेलीविजन सुन देखकर भी देश-विदेश की अनेक जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। किंतु भ्रमण ज्ञान वृद्धि का अनुपम साधन है या ज्ञान बुद्धि के साथ-साथ आनंद और मौज मस्ती का अनूठा साधन है। 

         ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के भ्रमण से ज्ञान वृद्धि ही नहीं मन की शांति प्रसन्नता  प्राप्त होती है। इसी तरह नदियों पर्वतों झरनों वनों तालाबों आदि के भ्रमण से प्राकृतिक सौंदर्य का ज्ञान एवं आनंद ग्रहण किया जा सकता है। भ्रमण से मनुष्य को ज्ञान की प्राप्ति होती है। उसके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है।

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 मेरे जीवन का लक्ष्य

            संसार में प्रत्येक मनुष्य के जीवन का कोई ना कोई लक्ष्य अवश्य होता है मनुष्य एवं सामाजिक प्राणी होने के नाते मैंने भी अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

               मैं बड़ा होकर एक  आदर्श अध्यापक बनना चाहता हूं और अध्यापक के रूप में अपने कर्तव्य को निभाते हुए अपने राष्ट्र की सेवा करना चाहता हूंँ। मैं एक आदर्श अध्यापक बनकर अपने राष्ट्र की भावी पीढ़ी के बौद्धिक स्तर को उच्च स्तर पर पहुंचाना चाहता हूंँ ।ताकि मेरे देश की युवा पीढ़ी कुशल विवेकशील कर्म निश्ड बन सके।

         विद्यार्थी होने के कारण मैं भली-भांति जानता हूं कि किसी अध्यापक का विद्यार्थियों पर कैसा प्रभाव पड़ता है कोई अच्छा अध्यापक उनको अच्छी दिशा दे सकता है मैं भी ऐसा करके देश के युवा वर्ग को नई दिशा देना चाहता हूंँ।

 प्रकृति का वरदान पेड़ पौधे

           प्रकृति ने संसार को अनेक अनूठे उपहार दिए हैं। पेड़ - पौधे प्रकृति का अनूठा वरदान है। पेड़ - पौधे संपूर्ण जीवन जगत के जीवन का मूल आधार है यह पर्यावरण को साफ स्वच्छ एवं सुंदर बनाते हैं ।यह कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन दूसरों को देते हैं ।

         ऑक्सीजन से संपूर्ण प्राणी जगत सांस लेता है पेड़ पौधे स्वयं सूर्य की तपन को सहन कर दूसरों को छाया प्रदान करते हैं वे अपने फल स्वयं कभी नहीं खाते बल्कि उन्हें भी हमें ही दे देते हैं वे इतने विनम्र होते हैं कि फल आने पर स्वयं ही नीचे की तरफ झुक जाते हैं। 

     पेड़ पौधे वातावरण को शुद्ध बनाते हैं। धरती की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते हैं। भूमि को पानी के कटाव से रोकते हैं। पेड़ पौधों से हमें लकड़ियां औषधियां आदि अनेक अमूल्य उपहार प्राप्त होते हैं। पेड़ पौधे प्रकृति का अनूठा वरदान है ।हमें भी पेड़ पौधों का संरक्षण करना चाहिए। अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए।

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       तो आज आपने हिंदी भाषा में अनुच्छेद लेखन के बारे में जाना और मुझे आशा है कि यह अनुच्छेद लेखन आपकी हिंदी भाषा को सीखने के सफर में अवश्य सहायक होंगे।








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