Hindi Language(Hindi Poems)
मेरा वादा
सबसे सुंदर मेरी पुस्तक,
यह है मेरी मित्र।
रोचक और मोहक कहानियांँ,
सुंदर है सब चित्र।
अच्छी बातें मुझे सिखाती,
खेल-खेल में ज्ञान बढ़ाती।
रंग बिरंगी,मुझे लुभाती,
हिंदी भाषा मुझे सिखाती।
मैं सीखूँगा/सीखूँगी और समझूंँगा/समझूंँगी,
हिंदी भाषा इससे।
पढ़ लिखकर विद्वान बनूंँगा /बनूंँगी
वादा मेरा मुझसे।
सूरज आया
हुआ सवेरा सूरज आया,
अपने साथ उजाला लाया।
डाल-डाल पर पंछी चहके,
रंग-बिरंगे फूल है महके।
कुहू-कुहू कर कोयल गाए,
अपने सुर से हमें जगाए।
छोड़कर बिस्तर जागो सारे,
लगता, यह भी गाना गाए।
ठंडी-ठंडी हवा चल रही,
तितली फूलों पर मंँडराए।
आलस्य त्यागो, काम करो सब,
सूरज यही संदेशा लाए।
Hindi Language
समझदार बिल्लियां
दो बिल्लियों ने रोटी पाई,
उस पर साथ छलांग लगाई।
दो बिल्ली और एक है रोटी,
कैसे हो बँटवारा भाई?
तभी वहां एक आया बंदर,
बोला, "मैं कर दूंगा बँटवारा।
दोनों को समान मैं दूंँगा,
मिट जाएगा झंझट सारा।"
समझदार एक दिल्ली बोली,
"बंदर जी, न हो परेशान।
हम रोटी को खुद ही बाँटें।
नहीं तुम्हारा कोई काम।"
दूजी बिल्ली बोली बहना,
मानो अब तुम मेरा कहना।
रोटी के दो टुकड़े कर लो,
आधी मेरी आधी तुम लो,
हुई खत्म सारी कठिनाई,
रोटी बँट गई बिना लड़ाई।
आज समझ में बात यह आई,
नहीं करेंगे हाथापाई।
ध्यान रहे, अपने झगड़े में,
कोई लाभ उठा न पाए।
सोच समझकर काम करो सब,
बात यही कविता समझाए।
स्वच्छ भारत
नेहा ने एक केला खाया,
खाकर छिलका वही गिराया।
तभी वहांँ एक चिड़िया आई,
सिर पकड़ कर बैठ झल्लाई।
अपनी चोंच खोल चिड़िया ने,
उस छिलके को तुरंत उठाया।
छिल्का कूड़ेदान में डाला,
प्यार से नेहा को समझाया।
बोली चिड़िया, "ठीक नहीं है,
सड़क पर यूंँ कूड़ा फैलाना।
प्यारी नेहा हमको अपना,
प्यारा भारत स्वच्छ बनाना।
हम सब सदा घरों में अपने,
साफ-सफाई रखते हैं।
फिर बोलो सड़कों -गलियों को,
क्यों हम गंदा करते हैं?
साफ रखेंगे -साफ रखेंगे
आज कसम हम खाते हैं।
कहीं करेगा कोई न गंदा,
भारत स्वच्छ बनाते हैं।"
Hindi Language
हमारे त्योहार
होली आई-होली आई,
रंग बिरंगी होली आई।
गुझिया खाओ, रंग लगाओ,
एक-दूजे को गले लगाओ।
अमावस की रात है काली,
जगमग-जगमग आई दीवाली।
दीप जलाओ,मिठाई खाओ,
पटाखों को न हाथ लगाओ।
सब मिल-जुल कर ईद मनाओ,
हिलमिल सबको गले लगाओ।
ईदी अब्बा से ले आओ,
मीठी मीठी सेवइयांँ खाओ।
गुरूपूरब की छटा निराली,
गुरु की वाणी सब ने मानी।
नगर-कीर्तन में सब जाओ,
सब मिल-जुलकर झूमो गाओ।
क्रिसमस का त्योहार है आया,
सेंटाक्लॉज उपहार है लाया।
मिलकर क्रिसमस टरी सजाओ,
मोमबत्ती जलाओ,केक खाओ।
हम सबको करते हैं एक,
प्यार बढ़ाते हैं त्यौहार।
दूरी सभी मिटा देते हैं,
पास-पास लाते हैं त्योहार।
Hindi Language बहुत हुआ काम अब करो आराम
आओ भाई आओ, खड़े हो जाओ,
हाथ उठा कर ऊपर लाओ।
जैसे तोड़ रहे हो तारे,
ऐसे अपने हाथ उठाओ।
झट-से अब पीछे मुड़ जाओ,
ताली बजाओ, हंसो मुस्कुराओ।
जैसे देते हैं कार को धक्का,
वैसे हाथों से जोर लगाओ।
सारे अब आगे मोड़ जाओ,
दाएँ-बाएँ गर्दन घुमाओ,
कदम ताल करते हैं जैसे,
ऊपर नीचे पैर चलाओ।
अब सब बैठो फिर खिलखिलाओ।
आंँखें बंद करके अब मुस्कुराओ।
जो भी मन में आए सोचो,
अपनी बातों में खो जाओ।
मेरी बगिया
अपने आंँगन की बगिया में,
मैंने पौधा एक लगाया।
छोटे-छोटे हाथों से जल,
देकर उसको हरा बनाया।
पत्ते हरे-हरे से फूटे,
कलियांँ उस पर खिल आई।
फूल-फूल से खुशबू निकली,
सारी बगिया महकाई।
छिटके बीज यहाँ-वहाँ फिर,
मेरी मेहनत रंग लाई।
बरखा रानी के आते ही,
बगिया मेरी मुस्कुराई।
हरी-भरी बगिया मेरी फिर,
देखो, सबके मन को भाई।
मेहनत हमेशा रंग लाती है,
बात समझ में अब आई।
Hindi Language
सतरंगी परियां
दो थे नन्हें-नन्हें बादल,
सैर कर रहे दोनों बादल।
दोनों घूमकर खाते चक्कर,
तभी हुई दोनों में टक्कर।
दोनों रोते पकड़कर सिर,
आगे हुआ क्या सोचो फिर।
आंँसू बहते टप-टप-टप,
सूरज दादा बोले अब।
प्यारे बादल, न हो उदास,
मैं भेजूंँगा परियाँ खास।
परियाँ तुमहे न रोने देंगी,
सारे दुख को बेहद लेंगी।
आई वहांँ पर परियांँ सात,
सब पहने थी सिर पर ताज।
बैंगनी, नीली, नीली, हरी,
पीली, नारंगी, लाल थी परी।
आंँसू पोंछ दिए परियों ने,
खुश हो गए दोनों बादल।
झूम झूम कर चले गए वे,
बंद हो गई सब हलचल।
सूरज की किरणों ने देखो,
लंबी-सी एक तार बना दी।
सब परियां थी भीगी-भीगी,
सब ने अपनी फ्रॉक सुखा दी।
सातों परियों ने मिल-जुलकर,
इंद्रधनुष है बना दिया।
नीले-नीले आसमान को,
रंग-बिरंगा सजा दिया।
टोपीवाला और बंदर
आया-आया टोपीवाला,
रंग बिरंगी टोपी लाया।
लेटा, सो गया पेड़ के नीचे,
देख घनी वह ठंडी छाया।
पेड़ के ऊपर बैठे बंदर,
खुश हैं अपने मन के अंदर।
नीचे आए उठा ली टोपी,
फिर चढ़ गई बंदर की टोली।
आंँख खुली टोपीवाले की,
देख-देख होता हैरान।
सारी टोपिया कहांँ खो गई,
मन ही मन होता परेशान।
नजर उठा कर ऊपर देखा,
ऊपर थी बंदरों की टोली।
खीं-खीं,खीं-खीं कर हंसते थे,
जैसे खेले आंँख मिचोली।
अपनी टोपी से जमीन पर,
टोपीवाले ने चल दी चाल।
नकलची बंदर समझ न पाए,
फेंकी अपनी टोपी तत्काल।
अब तो खुश था टोपीवाला,
उठा ली अपनी टोपी सारी।
सारी कठिनाई हल हो जाती,
अगर जरा सी हो होशियारी।
चंदा मामा
चंदा मामा आ जाना,
साथ मुझे कल ले जाना ।
कल से मेरी छुट्टी है,
न आए तो कुट्टी है।
चंदा मामा खाते लड्डू,
आसमान की थाली में।
लेकिन वे पीते हैं पानी ,
आकर मेरी प्याली में।
चंदा देता हमें चांँदनी,
सूरज देता धूप।
मेरी अम्मा मुझे पिलाती,
बनाकर टमाटर सूप।
थपकी दे-देकर जब अम्मा,
मुझे सुलाती रात में।
सो जाता चंदा मामा से,
करता-करता बात मैं।
Hindi Language
बहुत हुआ काम अब करो आराम
एक-दो-तीन-चार,
उछलो सारे एक साथ।
पांँच-छह-सात-आठ,
ऊपर करो हिलाओ हाथ।
एक-दो-तीन-चार,
गोल घूमो एक साथ।
पांँच-छह-सात-आठ,
नीचे बैठो एक साथ।
एक-दो-तीन-चार,
हँसो सारे एक साथ।
पाँच- छह-सात- आठ,
उठो सारे एक साथ।
अब सारे एक साथ,
अपनी अपनी जगह पर जाओ।
आंँखें बंद करके बैठो ,
अपनी बातों में खो जाओ।
लाल बत्ती
लाल बत्ती कहती थम,
चलते-चलते रुकते हम।
पीली कहती होशियार,
रुकने बताए चलते जाओ,
हरी बताए चलते जाओ,
आगे-आगे बढ़ते जाओ
सेब
सब फलों में सेव है न्यारा,
लाल रंग का प्यारा-प्यारा।
एक सेब जो रोज है खाता,
बीमारी को दूर भगाता।
मम्मी मुझको सेब दिला दो,
वरना एप्पल जूस पिला दो।
Hindi Language
बरखा रानी
बरखा रानी आओ तुम,
अपना जल बरसाओ तुम।
बरखा रानी बरखा रानी ,
कहांँ से लिया इतना पानी।
गर्मी दूर भगाती हो ,
हम सबको हरषाती हो,
धरती को नहलाती हो,
चारों तरफ हरियाली लाती हो,
सुंदरता फैलाती हो।
परीक्षा की तैयारी
छोड़कर बच्चों, बातें सारी,
करो परीक्षा की तैयारी।
खेलकूद अब बंद करो,
अच्छे अंक लाने का प्रयत्न करो
टी०वी० फिल्म देखना छोड़ो,
बस पढ़ने से नाता जोड़ो।
मेहनत करने वालों के आगे,
दुनिया सदा ही हारी है।
पढ़ लिखकर विद्वान बनकर,
अपने श्रम से बना सकोगे।
सुंदर जीवन की फुलवारी।
छोड़कर बच्चों, बातें सारी,
करो परीक्षा की तैयारी।
छू कर तो देख
मच्छर भैया जाओ न,
हमसे प्रीत लगाओ न।
डी०डी०टी ०का भी असर नहीं,
अव्वल दर्जे के ढीठ लगो तुम।
जरा दया शर्म नहीं,
डरुँ डंक के वार से,
मलेरिया, डेंगू बुखार से,
टीके की तीखी धार से,
गंदे-गंदे सड़े-सड़े,
हाथ धोके क्यों पीछे पड़े?
अभी तो कह रही हूंँ प्यार से,
नहीं गए तो करूंगी धुनाई,
मोटी की तलवार से
कंप्यूटर जी
ढूंढ लिया एक साथी हमने,
खोज लिया एक यार।
बहुत ही प्यारा सबसे न्यारा,
वह है बड़ा होशियार।
हर सवाल का हल बतलाता,
मुश्किल सारी ही सुलझाता।
काम कहें जो भी करने को,
है झटपट तैयार।
करता सारे काम,
कंप्यूटर है उसका नाम।
Hindi Language
यदि मैं सुंदर सी तितली होती
यदि मैं सुंदर सी तितली होती तो मैं आसमान में उड़ पाती।
मैं फूलों का रस पीती और मज़े करती।
मेरे सुनहरे पंख होते।
सब मुझे इतना पसंद करते।
सब मुझे पकड़ने की कोशिश करते पर मैं बच जाती।
मैं दूसरी तितलियों के साथ खेलती, हम सुबह उठकर फूलों का रस पीने के लिए जाती।
मुझे तितली बनना है। वह मेरी सबसे पसंदीदा ख्वाइश है।
ऊंट चला
ऊंँट चला, भाई ऊंँट चला
हिलता डुलता ऊंँट चला
इतना ऊंँचा ऊंँट चला
ऊंँट चला भाई ऊंँट चला।
ऊँची गर्दन, ऊंँची पीठ
पीठ उठाए ऊंँट चला।
बालू है, तो होने दो
बोझ ऊँट को ढोने दो।
नहीं फंँसेगा बालू में
बालू में भी ऊंँट चला।
जब थक कर बैठेगा ऊंँट
किस करवट बैठेगा ऊंँट?
बता सकेगा कौन भला
ऊंँट चला भाई ऊंँट चला।
म्याऊं म्याऊं
सोई-सोई एक रात मैं
एक रात मैं सोई-सोई
रोहित एकाएक बिलखकर
एकाएक बिलखकर रोई
रोती क्यों ना, मुझे नाक पर
मुझे नाक की एक नोक पर
काट गई थी चुहिया चूँटी
चुहिया काट गई चूँटी भर
सचमुच बहुत डरी चुहिया से
चुहिया से सच बहुत डरी मैं
खड़ी देख कर चूड़िया को मैं
लगी काँपने घड़ी घड़ी मैं
सूझा तभी बहाना मुझको
मुझको सूझा एक बहाना
ज़रा डराना चुहिया को भी
चुहिया को भी ज़रा डराना
कैसे भला डराऊँ उसको
कैसे उसको भला डराऊँ
धीरे से मैं बोली मैं म्याऊंँ म्याऊं म्याऊं म्याऊं म्याऊं
Hindi Language
बहुत हुआ
बादल भइया
बहुत हुआ!
कीचड़-कीचड़
पानी पानी
याद सभी को
आई नानी
सारा घर
दिन-रात चुआ
जाएँ कहांँ
कहाँ पर खेलें ?
घर में फंँसे
बोरियत झेलें
जो पिंजरे में
मौन सुआ
सूरज दादा
धूप खिलाएँ
ताल नदी सड़कों से जाएंँ
तुम भी भैया
करो दुआ!
काले मेघा पानी दे
काले मेघा पानी दे
पानी दे गुड़धानी दे।
बरसों खूब झमा-झम-झम
नाचें मोर छमा-छम-छम।
खेतों से कल्यानों तक
परवत से मैदानों तक।
धरती को रंग धानी दे
काले मेघा पानी दे।
भर दे सारे ताल-तलैया
गाएँ सब मिल छम्मक-छैया
हमको नई कहानी दे
सबको दाना-पानी दे
पानी दे जिंदगानी दे
काले मेघा पानी दे।।
सावन का गीत
सावन का झूला इस बार
इतना बड़ा डालना
जिसमें
समा जाए संसार
उस डाली पर
जो फैली है
आसमान के पार
उस रस्सी का
कोई न जिसका पारावार।
एक पेंग में
मंगल ग्रह के द्वार
और दूसरी में
इकदम से
अंतरिक्ष के पार।
तितली और कली
हरी डाल पर लगी हुई थी
नन्ही सुंदर एक कली।
तितली उसे आकर बोली,
तुम लगती हो बड़ी भली।
अब जागो तुम आंँखें खोलो,
और हमारे संग खेलो।
फैले सुंदर मेहक तुम्हारी,
महके सारी गली गली।
गली से छिटकर खिली रंगीली,
तुरंत खेल की सुनकर बात।
साथ हवा के लगी भागने,
तितली छुने उसे चली।
टेसू राजा बीच बाजार
टेसू राजा बीच बाजार,
खड़े हुए ले रहे अनार
इस अनार में कितने दाने ?
जितनी हो कंबल में खाने।
कितने हैं कंबल में खाने?
भेड़ भला क्यों लगी बताने!
एक झुंड में भेड़े कितनी?
एक पेड पर पत्ती जितनी।
एक पेड़ पर कितने पत्ते?
जितने गोपी के घर लत्ते।
गोपी के घर लत्ते कितने?
कलकत्ते में कुत्ते जितने।
बीस लाख तेईस हजार,
दाने वाला एक अनार ।
टेसू राजा कहे पुकार ,
लाओ मुझको दे दो चार।
Hindi Language
टेसू
टेसूरा टेसरा घंटार बजाइयो
नौ नगरी,दस गांँव बसइयो
बस गए तीतर ,बस गए मोर
बूढ़ी डुकरिया लै गए चोर
चोरन के घर खेती भई
खाय डुकरिया मोटी भई
मोटी हैके पीहर गई
पीहर में मिले भाई भौजाई
सब ने मिलकै दई बधाई
बाघ का बच्चा
रस्ता पक्का हो या कच्चा
चलता उस पर बाघ का बच्चा।
कभी उछलता कभी कूदता,
धूम मचाता बाघ का बच्चा।
बाल पूँछ के और मूंँछ के
लहराता है बाघ का बच्चा।
पंजे अपने कहीं अड़ाता,
सुस्ताता है बाघ का बच्चा।
मांँ जब चलती वह भी चल पड़ता,
कभी-कभी वह गिरता पड़ता।
पानी में भी उचल तैर कर,
चलता जाता बाघ का बच्चा।
बड़ा बहादुर बाघ का बच्चा।
घबराता ना बाघ का बच्चा।
घूम-घूम कर दूर-दूर तक,
हो आता है बाघ का बच्चा।
पेट पीठ पर भूरी काली,
धारी-धारी बड़ी निराली।
चलता आता चलता आता,
गुरारता है बाघ का बच्चा
सूरज जल्दी आना जी
एक कटोरी, भर कर गोरी
धूप हमें भी लाना जी।
सूरज जल्दी आना जी।
जमकर बैठा यहांँ कुहासा
आर-पार न दिखता है ।
ऐसे भी क्या कभी किसी ने
घर में कोई टिकता है?
सच-सच ज़रा बताना जी।
सूरज जल्दी आना जी।
कल की बारिश में जो भीगे
कपड़े अब तक गीले हैं।
क्या दीवारें ,क्या दरवाजे़
सब के सभी सीले हैं।
छोड़ो आज बहाना जी।
ना... ना... ना...ना- ना... ना...ना... जी
सूरज जल्दी आना जी।
मीठा-मीठा गुलगुला
छुट्टी हुई खेल की
चढ़ी कढ़ाई तेल की
सुर-सुर उठता बुलबुला
छुन-छुन सिकता गुलगुला।
भुलभुला और पुलपुला
भुलभुला और पुलपुला
मीठा-मीठा गुलगुला।
Hindi Language


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