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Learn Hindi Through Stories(Simple and Educational)
1. नीला गुब्बारा
रवि को गुब्बारे बहुत पसंद थे। खासकर रंग-बिरंगे गुब्बारे। एक दिन वह मेले में गया और वहां उसने एक सुंदर नीला गुब्बारा देखा। गुब्बारा बहुत चमकीला और बड़ा था। रवि ने उस गुब्बारे को खरीद लिया और उसे कसकर पकड़ लिया। वह गुब्बारे के साथ इधर-उधर घूमता रहा और खुश होता रहा। रवि ने सोचा, "कितना मजेदार होता अगर ये गुब्बारा ऊपर आसमान में उड़ता।" लेकिन तभी अचानक हवा का एक तेज झोंका आया और रवि के हाथ से गुब्बारा छूट गया। गुब्बारा धीरे-धीरे ऊपर उठने लगा और आसमान में दूर चला गया। रवि ने गुब्बारे को जाता देख दु:खी हुआ। फिर मुस्कुराते हुए बोला, "अच्छा हुआ, अब मेरा गुब्बारा आजाद है। वह जहाँ चाहे जा सकता है।" यह सोचकर रवि ने अपने दोस्त से कहा, "हम भी कभी-कभी कुछ चीजें जाने देते हैं ताकि वे आजादी महसूस कर सकें।"
2. बिल्ली और चूहा
मोती नाम की एक छोटी सी बिल्ली थी। वह बहुत चालाक और फुर्तीली थी। मोती को चूहे पकड़ने में बहुत मजा आता था। उसके घर के पास एक पुराना गोदाम था। जहां बहुत सारे चूहे रहते थे। एक दिन मोती ने सोचा, "आज मैं एक बड़ा चूहा पकड़ूंगी।" उसने गोदाम के कोने में एक चूहे को देखा और धीरे से उसके पीछे भागी। चूहा भी बहुत चालाक था और मोती को आते देख तेजी से भागा। वह इधर-उधर भागता रहा और अंत में एक छोटे से बिल में घुस गया। मोती ने बिल के बाहर इंतजार किया लेकिन चूहा बाहर नहीं आया। थककर मोती ने सोचा, "कोई बात नहीं, अगली बार सही।" मोती ने समझा कि कभी-कभी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती लेकिन हार नहीं माननी चाहिए।
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3. सूरज और चंदा
सूरज और चंदा दोनों भाई हैं। सूरज दिन में चमकता है और चंदा रात में। दोनों का समय अलग-अलग है लेकिन उनका उद्देश्य एक है। दुनिया को रोशनी देना। सूरज हर सुबह आसमान में निकलता है और सारी दुनिया को अपनी किरणों से रोशन करता है। लोग सूरज की गर्मी में काम करते हैं, खेलते हैं और अपने जीवन का आनंद लेते हैं। जब सूरज ढल जाता है तो चंदा की बारी आती है। वह धीरे-धीरे आसमान में आता है और अपनी शीतल चांदनी से सबको शांति देता है। एक दिन सूरज ने चंदा से कहा, "तुम्हारे बिना रात अधूरी है, चंदा।" चंदा मुस्कुराया और बोला, "तुम्हारे बिना दिन भी अधूरा है, सूरज। हम दोनों मिलकर ही इस दुनिया को संपूर्ण बनाते हैं।" इस तरह सूरज और चंदा ने अपनी दोस्ती का महत्व समझा।
4. गुलाब का फूल
राधा को फूल बहुत पसंद हैं। वह अपने बगीचे में अक्सर फूलों को देखती और उनकी देखभाल करती है। एक दिन राधा बगीचे में टहल रही थी तभी उसने एक सुंदर गुलाब का फूल देखा। वह गुलाब लाल रंग का और बहुत खुशबूदार था। राधा ने सोचा, "यह फूल कितना सुंदर है, काश मैं इसे अपने कमरे में ले जा सकती।" लेकिन फिर उसने सोचा, "अगर मैं इसे तोड़ लूंगी, तो यह जल्दी मुरझा जाएगा।" राधा ने गुलाब को बगीचे में ही रहने दिया ताकि और लोग भी इसे देख सकें। उसने अपने छोटे भाई को भी बुलाया और कहा, "देखो, यह फूल कितना सुंदर है। इसे यूँ ही खिलने दो।" राधा ने महसूस किया कि कभी-कभी सुंदरता को प्राकृतिक रूप में ही रहना चाहिए ताकि सब उसका आनंद ले सकें।
5. पेड़ और पक्षी
एक घना और बड़ा पेड़ एक गांव के किनारे खड़ा था। उस पेड़ पर कई पक्षी अपना घर बनाकर रहते थे। हर सुबह-सुबह सभी पक्षी मिलकर चहकते और पेड़ पर खुशी का माहौल बना देते। पेड़ को भी यह चहचहाहट बहुत पसंद थी। एक दिन पेड़ ने हंसकर कहा, "तुम सब मेरे परिवार जैसे हो। जो मेरे साथ हमेशा रहते हो और मुझे खुश रखते हो।" पक्षियों ने जवाब दिया, "और तुम हमारे घर हो, पेड़। तुम्हारे बिना हम कहीं नहीं जा सकते।" पेड़ ने कहा, "तुम्हारे साथ रहने से मुझे बहुत खुशी मिलती है।" पक्षियों ने पेड़ का धन्यवाद किया और सभी ने मिलकर एक-दूसरे के साथ रहने का वादा किया। यह कहानी हमें बताती है कि सच्ची दोस्ती का मतलब एक-दूसरे का सहारा बनना होता है।
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6. सर्दी की सुबह
राहुल को सुबह-सुबह टहलना बहुत पसंद था, खासकर सर्दियों में। एक ठंडी सर्दी की सुबह राहुल उठकर अपने बगीचे में टहलने निकला। बाहर ठंडी हवा चल रही थी और आसमान में हल्के बादल थे। राहुल ने अपने दादाजी को भी बगीचे में टहलते हुए देखा। उसने दादाजी से कहा, "दादाजी, आज तो बहुत ठंड है!" दादाजी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ बेटा, सर्दियों का यही मजा है।" राहुल ने कहा, "ठंड में टहलना कितना अच्छा लगता है।" दादाजी ने सहमति में सिर हिलाया और कहा, "सर्दी में ताजगी होती है और यह सेहत के लिए भी अच्छी होती है।" राहुल ने सोचा कि वाकई सर्दी की सुबह में ताजगी और जोश का एहसास होता है।
7. खरगोश और कछुआ
एक जंगल में एक खरगोश और एक कछुआ रहते थे। खरगोश अपनी तेज गति के लिए मशहूर था। जबकि कछुआ धीरे-धीरे चलता था। एक दिन खरगोश ने कछुए का मजाक उड़ाते हुए कहा, "तुम्हारी चाल तो बहुत धीमी है।" कछुए ने जवाब दिया, "धीरे चलना बुरा नहीं है लेकिन मेरा आत्मविश्वास मजबूत है।" दोनों ने एक दौड़ लगाने का फैसला किया। दौड़ शुरू होते ही खरगोश तेजी से आगे निकल गया और उसने सोचा कि कछुआ तो बहुत पीछे है। उसने आराम करने का मन बनाया और सो गया। दूसरी ओर, कछुआ धीरे-धीरे लेकिन लगातार आगे बढ़ता रहा। आखिरकार जब खरगोश उठा तो उसने देखा कि कछुआ रेखा पार कर चुका है। इस कहानी से हमें सिखने को मिलता है कि मेहनत और निरंतरता से जीत मिलती है।
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8. चाय का कप
सुमन की माँ बहुत अच्छी चाय बनाती थी। एक शाम सुमन ने अपनी माँ से कहा, "माँ, मुझे चाय चाहिए।" माँ ने मुस्कुराकर चाय बनाई और एक प्याले में डालकर सुमन को दी। सुमन ने चाय का पहला घूंट लिया और खुश होकर बोली, "माँ, आपकी चाय का स्वाद सबसे अच्छा है।" माँ ने सुमन को प्यार से देखा और कहा, "यह चाय मैंने अपने दिल से बनाई है बेटा। जब हम किसी चीज में अपना प्यार और मेहनत डालते हैं तो उसका स्वाद खुद ही अच्छा हो जाता है।" सुमन ने सोचा कि सच में माँ का प्यार उसकी चाय में झलकता है।
9. सूरजमुखी का पौधा
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नीरज को बगीचे में पौधे लगाना बहुत पसंद था। एक दिन उसने बगीचे में सूरजमुखी का पौधा लगाया। वह पौधा धीरे-धीरे बढ़ने लगा और उस पर बड़े-बड़े सुंदर फूल आने लगे। हर सुबह सूरज की किरणों के साथ वह फूल खिल जाता और नीरज उसे देखकर बहुत खुश होता। नीरज ने सोचा, "मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है।" नीरज की माँ ने उससे कहा, "देखो, तुमने जो पौधा लगाया था। वह अब एक सुंदर फूल बन गया है। यह सब तुम्हारी देखभाल और मेहनत का परिणाम है।" नीरज ने यह बात ध्यान में रखी कि जब भी मेहनत करते हैं। उसका फल अच्छा ही होता है।
10. सपना की किताब
सपना को किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। वह रोज़ एक नई किताब पढ़ने की कोशिश करती थी। एक दिन उसने एक किताब की दुकान से नई कहानीयों की किताब खरीदी। वह घर आई और बड़े ध्यान से एक-एक पन्ना पढ़ने लगी। किताब में तरह-तरह की कहानियाँ थीं। जो उसे बहुत अच्छी लगीं। पढ़ते-पढ़ते सपना ने बहुत कुछ सीखा और महसूस किया कि किताबें हमें नई-नई बातें सिखाती हैं। उसने अपने दोस्तों से भी कहा, "किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। वे हमें ज्ञान और आनंद दोनों देती हैं।"
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