Hindi Language Learning Step By Step
मुहावरे(Idioms)
साधारण हिंदी में मुहावरे और उनके अर्थ
1.अंधे की लकड़ी (एकमात्र सहारा)
राम ही बुढ़ापे में मुझ अंधे की लकड़ी है।
2.अंग अंग ढीला होना (थक जाना)
दिन भर के काम से मजदूरों का अंग अंग ढीला हो जाता है।
3.अपनी पीपनी बजाना (अपनी ही बातें करते रहना)
तुम अपनी पीपनी बजाते रहोगे या मेरी भी सुनोगे?
4.अपना उल्लू सीधा करना (स्वार्थ निकालना)
आजकल हर कोई अपना उल्लू सीधा करना चाहता है।
5.अंधेरे घर का उजाला (इकलौता पुत्र)
मनोहर सिंह राम सिंह के अंधेरे घर का उजाला है।
6.उंगली उठाना (दोष लगाना)
ईमानदार व्यक्ति पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।
7.उंगलियों पर नचाना (वश में करना)
मनोरमा घरवालों को उंगलियों पर नचाती है।
8.अंगूठा दिखाना (मना कर देना)
नेता वादे करते हैं, लेकिन बाद में अंगूठा दिखा देते हैं।
9.अगर मगर करना (टालमटोल करना)
अगर मगर नहीं करना चाहिए, सीधा जवाब देना चाहिए।
10.आंखें बिछाना (स्वागत करना)
प्रधानमंत्री के स्वागत में लोगों ने आंखें बिछा दीं।
11.आंखें चुराना (नजर बचाना)
स्वार्थी लोग मुश्किल वक्त में आंखें चुरा लेते हैं।
12.आंखें दिखाना (गुस्से से घूरना)
बेटे को आंखें दिखाना अब बंद करो।
13.आंखें खुलना (सच्चाई समझ आना)
नुकसान होने के बाद इंसान की आंखें खुलती हैं।
14.आंखें भर आना (आंसू निकलना)
नेता की मौत की खबर सुनकर लोगों की आंखें भर आईं।
15.आंख उठाना (बुरी नजर डालना)
अब कोई भारत की तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।
16.आंख से आंख न मिलाना (शर्मिंदा होना)
चोरी करते पकड़े जाने पर प्रदीप आंख से आंख नहीं मिला पाया।
17.आड़े हाथों लेना (डांटना)
मैंने सोहन को उसकी गलतियों के लिए आड़े हाथों लिया।
18.आग बबूला होना (बहुत गुस्सा होना)
मोहन की बात सुनकर मेघना आग बबूला हो गई।
19.आंखों का तारा (बहुत प्यारा)
सुनील अपने माता-पिता की आंखों का तारा है।
20.कदम चूमना (सफल होना)
मेहनती इंसान के कदम सफलता चूमती है।
21.एड़ी चोटी का जोर लगाना (पूरा प्रयास करना)
शिवाजी को पकड़ने के लिए औरंगजेब ने एड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन नाकाम रहा।
22.आकाश पाताल एक करना (बहुत कोशिश करना)
चोर ने भागने के लिए आकाश पाताल एक कर दिया, लेकिन पकड़ा गया।
23.एक आंख से देखना (बराबर का व्यवहार करना)
माता-पिता अपने सभी बच्चों को एक आंख से देखते हैं।
24.आग में घी डालना (लड़ाई बढ़ाना)
बलदेव ने आकर झगड़े में आग में घी डाल दिया।
25.ईद का चांद होना (कभी-कभी दिखना)
सुरेश, तुम तो ईद का चांद हो गए हो!
26.उननीस-बीस का अंतर (बहुत थोड़ा फर्क)
मोहन और सोहन के कद में उननीस-बीस का अंतर है।
27.उल्टी गंगा बहाना (विरोध करना)
हर बात में बेटे की सुनकर उल्टी गंगा बहा रखी है।
28.उधेड़बुन में होना (चिंता में पड़ना)
परीक्षा के समय उधेड़बुन में पड़ना फिजूल है।
29.ईंट से ईंट बजाना (पूरी तरह नष्ट करना)
शिवाजी ने मुगल साम्राज्य की ईंट से ईंट बजा दी थी।
30.ईंट का जवाब पत्थर से देना (कड़ा जवाब देना)
भारत ने दुश्मनों को ईंट का जवाब पत्थर से दिया है।
यह मुहावरे रोजमर्रा की हिंदी में उपयोग होते हैं और इनका सही इस्तेमाल भाषा को और रोचक बनाता है।
लोकोक्तियां (Proverbs) – Easy Learn Hindi Language
लोकोक्तियां हमारी भाषा की सजीवता को बढ़ाती हैं। इनके माध्यम से हम अपने विचारों को रोचक और प्रभावी बना सकते हैं। नीचे कुछ प्रचलित हिंदी लोकोक्तियों को उदाहरण सहित समझाया गया है:
1. अंत बुरे का बुरा
अर्थ: बुरे काम का परिणाम हमेशा बुरा होता है।
उदाहरण: करमचंद ने धन के लोभ में अपने संबंधी की हत्या कर दी। आज वह जेल में है। सच है, "अंत बुरे का बुरा।"
2. अंधा क्या चाहे, दो आँखें
अर्थ: जब मनचाही चीज़ बिना प्रयत्न के मिल जाए।
उदाहरण: मुंशी प्रेमचंद नौकरी की तलाश में थे। तभी एक अध्यापक ने उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया। तब उन्होंने कहा, "अंधा क्या चाहे, दो आँखें।"
3. अंधों में काना राजा
अर्थ: मूर्खों में थोड़ा जानकार व्यक्ति भी सम्मान पाता है।
उदाहरण: रामू मैट्रिक पास नहीं कर सका, फिर भी गाँव के लोग उसे पढ़ा-लिखा मानते हैं। यह "अंधों में काना राजा" वाली बात है।
4. अब पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग गई खेत
अर्थ: समय निकलने के बाद पछताना व्यर्थ है।
उदाहरण: सोम सिंह ने साल भर पढ़ाई नहीं की। परीक्षा में फेल होने के बाद रोने लगा। तब उसके पिता ने कहा, "अब पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग गई खेत।"
5. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता
अर्थ: अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता।
उदाहरण: इस कार्यालय में सभी रिश्वतखोर हैं। अनिल अकेला इनकी बुराई खत्म नहीं कर सकता। सच है, "अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।"
6. अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है
अर्थ: अपने क्षेत्र में हर कोई ताकतवर दिखता है।
उदाहरण: राजेश अपनी गली में राजीव को गालियाँ देने लगा। राजीव ने कहा, "अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है।"
7. आगे कुआं, पीछे खाई
अर्थ: दोनों तरफ संकट हो।
उदाहरण: पाकिस्तान से भारत आए लोगों को न तो काम मिलता है, न वहाँ रहना सुरक्षित था। यह "आगे कुआं, पीछे खाई" वाली स्थिति है।
8. आ बैल मुझे मार
अर्थ: जानबूझकर मुसीबत मोल लेना।
उदाहरण: सुरेंद्र बिना वजह झगड़े में कूद पड़ा और चोट खा बैठा। लोगों ने कहा, "आ बैल मुझे मार।"
9. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
अर्थ: अपराधी निर्दोष पर आरोप लगाता है।
उदाहरण: मोहन ने सोहन को चोरी करते पकड़ा, तो सोहन ने कहा, "तुमने अपनी किताब क्लासरूम में क्यों छोड़ी?" यह "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" वाली बात है।
10. ऊंची दुकान, फीका पकवान
अर्थ: दिखावा ज्यादा, सार कम।
उदाहरण: सेठ धनीराम ने अपनी बेटी की शादी में साधारण खाना परोसा। लोगों ने कहा, "ऊंची दुकान, फीका पकवान।"
और भी लोकोक्तियां
11. एक तंदुरुस्ती, हजार नियमत है
अर्थ: स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।
उदाहरण: दिन-रात काम करने वाले रमेश को समझाया गया, "एक तंदुरुस्ती, हजार नियमत है।"
12. काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती
अर्थ: बेईमानी बार-बार नहीं चलती।
उदाहरण: हलवाई दूध में मिलावट करता रहा। पकड़े जाने पर लोग बोले, "काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।"
13. चोर की दाढ़ी में तिनका
अर्थ: अपराधी हमेशा डरता रहता है।
उदाहरण: चोरी के आरोप में एक व्यक्ति ने कहा, "मैंने चोरी नहीं की।" लोगों ने कहा, "चोर की दाढ़ी में तिनका।"
14. घर की मुर्गी, दाल बराबर
अर्थ: अपनी चीज़ का आदर नहीं होता।
उदाहरण: मोहन ने कहा, "घर की बनी चीज़ की कीमत नहीं होती।"
15. सांप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे
अर्थ: काम पूरा हो, नुकसान न हो।
उदाहरण: बीरबल ने अकबर को सुझाव दिया, "सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे।"
निष्कर्ष
लोकोक्तियां भाषा को रोचक बनाती हैं और अनुभव से जुड़े गहरे संदेश देती हैं। इनका अभ्यास न केवल हिंदी भाषा की समझ को बढ़ाता है बल्कि संवाद को भी प्रभावी बनाता है।


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